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गणेश गीता – जब श्री गणेश ने दिया राजा वरेण्य को गीता का ज्ञान | Ganesh Gita – Jab Shri Ganesh Ne Diya Raja Varenya Ko Gita Ka Gyan

Ganesh Geeta –  गणेश गीता भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में गीता उपदेश दिया था, यह बात तो सब जानते हैं लेकिन विघ्न विनाशक गणपति ने भी गीता का उपदेश दिया था, ये कम लोगों को पता है। श्रीकृष्ण गीता और गणेश गीता में लगभग सारे विषय समान हैं। बस दोनों में उपदेश देने

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परमपिता ब्रह्मा के मानस पुत्र | Parampita Brahma Ke Maans Putra

परमपिता ब्रह्मा के मानस पुत्र ये तो हम सभी जानते हैं कि परमपिता ब्रह्मा से ही इस सारी सृष्टि का आरम्भ हुआ। सर्वप्रथम ब्रह्मा ने पृथ्वी सहित सारी सृष्टि की रचना की। तत्पश्चात उन्होंने जीव रचना के विषय में सोचा और तब उन्होंने अपने शरीर से कुल ५९ पुत्र उत्पन्न किये। इन ५९ पुत्रों में

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हिन्दू पञ्चाङ्ग में संवत्सर (संवत) क्या और कितने हैं? | Hindu Panchang Mein Samvatsar (Samvat) Kya Aur Kitne Hain?

संवत्सर एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ होता है “वर्ष”। इसे ही आधुनिक भाषा में संवत के नाम से जानते हैं। हिन्दू पञ्चाङ्ग में कई प्रकार के संवत्सरों का वर्णन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वर्ष के आरम्भ को संवत के रूप में जाना जाता है। वैसे तो संवत्सर का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन है

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देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र – पूत कपूत हो सकता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती | Devyaparadh Kshamapan Stotra – Poot Kapoot Ho Sakta Hai Lekin Mata Kabhi Kumata Nahin Ho Sakti

देवी अपराध क्षमापन स्तोत्र – Devi Apradh Kshamapan Stotra कलियुग में कुछ चीजें ऐसी हैं जो बहुत प्रसिद्ध और प्रामाणिक हैं। प्रामाणिक इस कारण से हैं क्यूंकि इस युग में भी वो द्वापर, त्रेता और यहाँ तक कि सतयुग के भाव का आभास कराती हैं। माता के विषय में हमारे धर्म ग्रंथों में जितना लिखा

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चित्रकूट धाम (Chitrakut Dham) दर्शन से जाने चित्रकूट महिमा

चित्रकूट महिमा | Chitrakut Dham चित्रकूट मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में से एक है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 38.2 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला शांत और सुन्दर चित्रकूट, प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है। चारों ओर से विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे

सनातन धर्म के 18 स्मृति ग्रन्थ बताते है जीने का सही ढंग | Sanatan Dharma Ke 18 Smriti Granth Batate Hai Jeene Ka Sahi Dhang

स्मृति ग्रन्थ किसी भी समाज व्यवस्थित संचालन के लिए नियम और विधि-निषेध ज़रूरी होते हैं। राजा या शासन द्वारा निर्धारित नियम अपनी जगह महत्त्व रखते हैं, लेकिन समाज को सही मार्ग पर चलाने के लिए उसके विचारशील और ज्ञानीजन द्वारा भी धर्म को आधार मानकर कुछ नियम निर्धारित किये जाते हैं। ये नियम राजा के

क्या ब्राह्मण कुल में जन्म लेने से ब्राह्मण कहलाने के अधिकारी है ? | Kya Brahman Kul Mein Janm Lene Se Brahman Kahlane Ke Adhikari Hai?

ब्राह्मण क्या है – ब्राह्मण का अर्थ | Brahman in Hindi हमारे देश में आज ‘ब्राह्मण’ शब्द को लेकर बहुत व्यापक बहस चल रही है. उन्हें बहुत गालियां दी जा रही हैं, उन पर आक्षेप लगाए जा रहे हैं और उन्हें भारतीय समाज के विघटन का कारण तक बताया जा रहा है. आइये “ब्राह्मण” को

उत्पन्ना एकादशी 2023 – उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि | Utpanna Ekadashi 2023 – Utpanna Ekadashi Vrat Katha aur Puja Vidhi

उत्पन्ना एकादशी – Utpanna Ekadashi हर मास की कृष्ण व शुक्ल पक्ष को मिलाकर दो एकादशियां आती हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। क्यों की एकादशी एक देवी थी जिनका जन्म भगवान विष्णु से हुआ था। एकादशी मार्गशीर्ष मास की कृष्ण एकादशी को प्रकट हुई थी जिसके कारण इस एकादशी का

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

भैया दूज की कथा – जानिए भाई दूज की पौराणिक कथा | Bhaiya Dooj Ki Katha – Jaaniye Bhai Dooj Ki Pauranik Katha

भाई दूज की कथा – Bhai Dooj Ki Katha हिन्दू पंचांग के अनुसार भाई दूज (Bhai Dooj) का त्यौहार, ( कार्तिक शुक्ल पक्ष के द्वितीय तिथि ) को मनाया जाएगा। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जाने वाला यह पर्व भाई बहन के स्नेह का अद्भुद प्रतिक पर्व है | दीपावली के पाँच दिवसीय महोत्सव में से यह

अग्नि देव – पंचमहाभूत और दस दिग्पाल में से एक

अग्नि देव – Agni Dev हिन्दू धर्म में अग्नि देव की बड़ी महत्ता बताई गयी है। बिना अग्नि के मनुष्यों का जीवन संभव नहीं और इसीलिए हम अग्नि को देवता की भांति पूजते हैं। इसी अग्नि के अधिष्ठाता अग्निदेव बताये गए हैं जिनकी उत्पत्ति स्वयं परमपिता ब्रह्मा से हुई मानी गयी है। हिन्दू धर्म में

देवोत्थान एकादशी – देवउठनी एकादशी (तुलसी विवाह) व्रत पूजा विधि व कथा | Devotthan Ekadashi – Devuthani Ekadashi-Tulsi Vivah-Vrat Puja Vidhi Katha

देवोत्थान एकादशी – देवउठनी एकादशी आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्री हरी विष्णु निद्रा में चले जाते हैं उसे देवशयनी कहा जाता है और जिस दिन निद्रा से जागते हैं उसे देवउठनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी ही वह शुभ

तुलसी माता की आरती – तुलसी विवाह में होने वाली तुलसी आरती

तुलसी माता की आरती – तुलसी विवाह में होने वाली तुलसी आरती | Tulsi Mata Ki Aarti – Tulsi Vivah Mein Hone Wali Tulsi Aarti

तुलसी माता की आरती – Tulsi Mata ki Aarti तुलसी आरती – देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु के जागते ही उनके शालिग्राम स्वरूप का विवाह तुलसी जी से कराया जाता है। तुलसी जी की पूरे विधि विधान से देव उठनी एकादशी के दिन पूजा की जाती है। जिसमें तुलसी आरती (tulsi ji ki aarti जय

तुलसी मंगलाष्टक (Tulsi Mangalashtak) तुलसी विवाह पर होने वाला पाठ

तुलसी मंगलाष्टक (Tulsi Mangalashtak) तुलसी विवाह पर होने वाला पाठ

तुलसी मंगलाष्टक | Tulsi Mangalashtak तुलसी विवाह मंगलाष्टक (tulsi mangalashtak) जो जातक तुलसी विवाह का आयोजन करते है उसे कन्यादान के तुल्य फल प्राप्त होता है और अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। तुलसी विवाह के दिन तुलसी विवाह मंगलाष्टक (Tulsi Mangalashtak) का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से मां तुलसी सभी रोग-दोष से मुक्ति

शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय

शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय | Shiv Puran Ke Anusaar Putra Prapti Ke Upay

शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय Putra Prapti Ke Upay – शिव पुराण (Shiv Puran) के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने से संतान प्राप्ति निश्चित है। रुद्राभिषेक, शिवलिंग का अभिषेक और शिव चालीसा का पाठ करना भी संतान प्राप्ति के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है। संतान से ही व्यक्ति को मोक्ष

12 राशि अनुसार शीघ्र धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी मंत्र | 12 Rashi Anusar Shighra Dhan Prapti Ke Liye Lakshmi Mantra

राशि अनुसार लक्ष्मी मंत्र – धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी मंत्र धन लक्ष्मी मंत्र – मां लक्ष्मी हमे धन, ऐश्वर्या, सम्पनता प्रदान करती है। शास्त्रों में ऐसे कई धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी मंत्र मिलते हैं जिन्हे सिद्ध कर हम अपने सांसारिक जीवन के सभी कष्टों से छुटकारा प्राप्त कर सकते है, आपको लक्ष्मी मंत्र