जाने पंचमहायज्ञ और यज्ञाहुति में स्वाहा बोलने का रहस्य
पंचमहायज्ञ क्यों ? हमारे हिन्दू धर्म (Hindu Dharma) और वेद- पुराण (Ved-Puran) के अनुसार प्रत्येक परिवार में स्वयं के लिए संध्या, कुटुंब कल्याण के लिए देेव पूजा एवं ऋण मुक्त होकर उत्कुष्ट संस्कार प्राप्ति के लिए पंचमहायज्ञ की आवश्यकता होती है। पंचमहायज्ञ में ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, ऋषियज्ञ, पितृयज्ञ एवं अतिथि यज्ञ स्वाध्याय स्वरूप हैं। प्रतिदिन अपनी
