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जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

हाथ की बनावट से मनुष्य की प्रवृति, गुण-अवगुण और चरित्र का वर्गीकरण

Hast Rekha Gyan – व्यक्ति गुणों के आधार पर हाथ का वर्गीकरण Hast Rekha Gyan : हाथ की बनावट यानी प्रकार करपृष्ठ आदि से मनुष्य की प्रवृति शक्ति, बौद्विक स्तर एवं नैतिक चरित्र का पता चलता हैं। हाथ की आकृति एवं पर्वतों की रचना (Hast Rekha Vigyan) एवं रेखाचिन्हृ प्रत्येक हाथ में अलग-अलग होते हैं,

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पेड़-पौधों द्वारा चमत्कारिक वास्तु उपचार, जाने कोनसे रहेंगे घर में शुभ और अशुभ

पेड़-पौधों द्वारा वास्तु उपचार – Vastu Upay Through Tree पेड़-पौधे भगवान द्वारा भेंट की हुई वह चमत्कारिक शक्ति है, यदि इसे संयोजित ढंग से प्रयोग किया जाए तो हर समस्या का समाधान संभव है। आधुनिक वास्तु विज्ञान आज के समय में वरदान से कम नहीं है। यह हमारे जीवन को प्राकृतिक रूप से सुंदर और

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी भजन लिरिक्स

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी भजन लिरिक्स

|| दोहा ||दरबार तेरा दरबारों में एक खास एह्मियत रखता हैउसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नीयत रखता है प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी….बड़ा न्यारा सजा है तेरा द्वार भवानीभगतो की लगी है कतार भवानी ऊँचे पर्वत भवन निराला, आके शीश नवावे संसार भवानीतेरे भक्तों की लगी है कतार भवानीप्यारा सजा है तेरा […]

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मार्कण्डेय पुराण – Markandeya Purana

मार्कण्डेय पुराण Pdf – Markandeya Purana मार्कण्डेय पुराण आकार में छोटा है। इसके एक सौ सैंतीस अध्यायों में लगभग नौ हज़ार हैं। मार्कण्डेय ऋषि द्वारा इसके कथन से इसका नाम ‘मार्कण्डेय पुराण’ पड़ा। यह पुराण वस्तुत: दुर्गा चरित्र एवं के वर्णन के लिए प्रसिद्ध है। इसीलिए इसे शाक्त सम्प्रदाय का पुराण कहा जाता है। Puran के सभी

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पूजा से सम्बंधित 30 जरूरी नियम

पूजा से सम्बंधित 30 जरूरी नियम – सनातन धर्म में हर दैनिक कार्यो और ईश्वर पूजा का सकल विधि विधान बतलाया गया है, जिसके पीछे कई वैज्ञानिक कारन है तो कइयों के पीछे पौराणिक कथाये | जिन्हे नियम पूर्वक पालन करने पर हमे इसका सम्पूर्ण फल भी मिलता आया है | पहले इन सभी दैनिक

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श्री वृषभानु नंदिनी राधा जी का रहस्य

ब्रज धाम में किसी राजा का नहीं बल्कि रानी का राज चलता है ! और ये रानी कोई और नहीं, हमारी प्यारी लाडली सरकार श्री राधा रानी जी हैं | श्री राधा जी को श्रीकृष्ण की आत्मा कहा जाता है ! ये श्री वृषभानु जी और कीर्तिदा जी की पुत्री थीं। पद्म पुराण में श्री

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आफिस व कार्यालय में सफलता और समृद्धि के लिए वास्तु के सरल उपाय

Vastu Upay for Money | अचूक वास्तु उपाय से कारोबार में वृद्धि  आजकल कड़ी प्रतिस्पर्धा का जमाना है । लोग अपने व्यापार में आगे बढ़ने के लिए जी जान से प्रयास करते है। इनमें ना केवल उसके मालिक वरन तमाम कर्मचारियों का भविष्य भी दावँ में लगा होता है । किंतु कई बार बहुत परिश्रम

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घर में खुशहाली के लिए गजब के वास्तु उपाय

उत्तर-पूर्व में रखें पानी का बहाव बाथरूम : – यह मकान के नैऋत्य-पश्चिम-दक्षिण कोण में एवं दिशा के मध्य अथवा नैऋत्य कोण व पश्चिम दिशा के मध्य में होना उत्तम है। वास्तु के अनुसार पानी का बहाव उत्तर-पूर्व में रखें। जिन घरों में बाथरूम में गीजर आदि की व्यवस्था है, उनके लिए यह और जरूरी है कि वे अपना

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नारद पुराण – Narad Puran

नारद पुराण – Narad Purana नारद पुराण (Narad Puran) एक वैष्णव पुराण है। नारद पुराण (Narad Puran in Hindi) के विषय में कहा जाता है कि इसका श्रवण करने से पापी व्यक्ति भी पाप मुक्त हो जाते हैं। जो व्यक्ति ब्रह्महत्या का दोषी है, मदिरापान करता है, मांस भक्षण करता है, वेश्यागमन करता हे, लहसुन-प्याज

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वराह पुराण – Varaha Purana

वराह पुराण – Varaha Puran वराह पुराण (Varaha Purana) में विष्णु पूजा का अनुष्ठान विधिपूर्वक करने की शिक्षा दी गई है क्योकि वराह पुराण (Varaha Puranam) एक वैष्णव पुराण है। भगवान् विष्णु के दशावतारों में एक अवतार ‘वराह’ का है। पृथ्वी का उद्धार करने के लिए भगवान विष्णु ने राक्षस हिरण्याक्ष का वध करने हेतु

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ब्रह्माण्ड पुराण – Brahmanda Purana

ब्रह्माण्ड पुराण – Brahmand Puran समस्त महापुराणों में ‘ब्रह्माण्ड पुराण’ (Brahmanda Purana) अन्तिम पुराण होते हुए भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। समस्त ब्रह्माण्ड का सांगोपांग वर्णन इसमें प्राप्त होने के कारण ही इसे यह नाम दिया गया है। वैज्ञानिक दृष्टि से इस पुराण का विशेष महत्त्व है। विद्वानों ने ‘ब्रह्माण्ड पुराण’ (Brahmand Puran) को वेदों के

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भविष्य पुराण – Bhavishya Purana

भविष्य पुराण – Bhavishya Purana Hindi सूर्योपासना और उसके महत्त्व का जैसा व्यापक वर्णन भविष्य पुराण में प्राप्त होता है। वैसा किसी अन्य पुराण में नहीं उपलब्ध होता। इसलिए इस पुराण को ‘सौर ग्रंथ’ भी कहते हैं। यह ग्रंथ बहुत अधिक प्राचीन नहीं है। इस पुराण में दो हज़ार वर्ष का अत्यन्त सटीक विवरण प्राप्त

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ब्रह्म वैवर्त पुराण – Brahma Vaivarta Purana

ब्रह्म वैवर्त पुराण – Brahma Vaivarta Purana  ब्रह्म वैवर्त पुराण Brahma Vaivarta Puran वैष्णव पुराण है। इस में कृष्ण को ही प्रमुख इष्ट मानकर उन्हें सृष्टि का कारण बताया गया है। ‘ब्रह्मवैवर्त’ शब्द का अर्थ है- ब्रह्म का विवर्त अर्थात् ब्रह्म की रूपान्तर राशि। ब्रह्म की रूपान्तर राशि ‘प्रकृति’ है। प्रकृति के विविध परिणामों का

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स्कन्द पुराण कथा – Skanda Puran

Skanda Purana – स्कन्द पुराण स्कन्द पुराण (Skand Puran) शैव सम्प्रदाय का पुराण हैं यह अठारह पुराणों में सबसे बड़ा है। स्कन्द पुराण (Skand Puran Hindi) के छह खण्ड हैं- माहेश्वर खण्ड, वैष्णव खण्ड, ब्रह्म खण्ड, काशी खण्ड, अवन्तिका खण्ड और रेवा खण्ड। शिव-पुत्र का नाम ही स्कन्द है। स्कन्द का अर्थ होता है- क्षरण

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कूर्म पुराण – Kurma Purana In Hindi

कूर्म पुराण – Kurma Purana in Hindi कूर्म पुराण (Kurma Purana) : हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार यह माना जाता है कि भगवान् विष्णु  ‘कूर्मावतार’ (Kurma Avatar) अर्थात् कच्छप रूप में समुद्र मंथन के समय मन्दराचल को अपनी पीठ पर धारण करने के प्रसंग में राजा इन्द्रद्युम्न को ज्ञान, भक्ति और मोक्ष का उपदेश देते है| कूर्म पुराण संहिता :