जानिए कौन थीं भगवान शिव और माता पार्वती की पुत्री
भगवान शिव और माता पार्वती की पुत्री क्या आप जानते है कि कार्तिकेय और गणेश के अलावा भगवान शिव और माता पार्वती की एक पुत्री भी थी। जी हाँ, हर कोई शिव पुत्रों के विषय में जानता है किन्तु बहुत कम लोग यह जानते है कि कार्तिकेय और गणेश की एक बहन भी थी, जिसका
शुभ मुहूर्त: सम्पूर्ण जानकारी के साथ जाने महत्व और उपयोगिता
शुभ मुहूर्त – Shubh Muhurat & Tithi मुहूर्त का मतलब है किसी शुभ और मांगलिक कार्य को शुरू करने के लिए एक निश्चित समय व तिथि का निर्धारण करना। अगर हम सरल शब्दों में इसे परिभाषित करें तो, किसी भी कार्य विशेष के लिए पंचांग के माध्यम से निश्चित की गई समयावधि को ‘मुहूर्त’ कहा
मूलाधार चक्र – जानिए चक्र जागरण विधि, मंत्र, नियम और लाभ
मूलाधार चक्र जागरण – Root Chakra Meditation मूलाधार चक्र (muladhara chakra) ऊर्जा-शरीर की बुनियाद है। आज कल लोग सोचते हैं कि मूलाधार सबसे निचला चक्र है इसलिए उसकी इतनी अहमियत नहीं है। जो भी यह सोचता है कि बुनियाद पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है, वह दरअसल भ्रम में है। जैसे किसी इमारत की बुनियाद
पुत्रदा या पवित्रा एकादशी : जानें, पूजा विधि और महत्व
पुत्रदा एकादशी – Pavitra Ekadashi Vrat Katha सावन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा या पवित्रा एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 11 अगस्त 2019 ,रविवार दिन को पड़ रही है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि इस एकादशी का व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है।
Rawan Sanhita Mantra- रावन सहिंता के धन अभाव निवारण हेतु अचूक मंत्र
Rawan Sanhita – रावण संहिता के चमत्कार Ravan Sahita Pdf – लंकापति रावण (Ravan Samhita) को दुनिया एक बुरा और सबसे नकारात्मक रूप में मानती है। रामायण काल में रावन (Ravan Sahita in Hindi) की सबसे बड़ी भूल थी सीता हरण, लेकिन रावन एक विद्वान पंडित होने के साथ ही विद्वान तांत्रिक और ज्योतिषी भी
मार्गशीर्ष अमावस्या 2022 – अगहन अमावस्या का महत्व व व्रत पूजा विधि
मार्गशीर्ष अमावस्या 2022 – Margashirsha Amavasya मार्गशीर्ष माह को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे अगहन मास भी कहा जाता है यही कारण है कि मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्या भी कहा जाता है। वैसे तो प्रत्येक अमावस्या का अपना खास महत्व होता है और अमावस्या तिथि स्नान-दान-तर्पण आदि के लिये जानी
सप्तश्लोकी दुर्गा अर्थ सहित – भगवान् शिव रचित सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ
सप्तश्लोकी दुर्गा – Durga Saptashloki Durga Saptashati path in Hindi Pdf Free Download – माँ भगवती की आराधना दुर्गा सप्तसती से की जाती है, परन्तु समयाभाव में सप्तश्लोकी दुर्गा (Durga Saptashati path in Hindi) या दुर्गा सप्तश्लोकी (Durga Saptashloki PDF) का पाठ अत्यंत ही प्रभाव शाली और दुर्गा सप्तसती का सम्पूर्ण फल प्रदान करने वाला
कामिका एकादशी 2020- व्रत कथा, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
कामिका एकादशी 2020 – Kamika Ekadashi हिंदू परंपरा में एकादशी को पुण्य कार्यों के लिए, भक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। वैसे तो एक साल में 24 एकादशियां होती हैं लेकिन मलमास या अधिकमास होने के कारण इनकी संख्या 26 हो जाती है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को
गुरु पूर्णिमा – आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु की पूजा करने का पर्व
गुरु पूर्णिमा – Guru Purnima in Hindi आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा (Guru Purnima) के नाम से भी जाना जाता है और इसी के संदर्भ में यह समय अधिक प्रभावी भी लगता है. इस वर्ष गुरू पूर्णिमा 24 जुलाई 2021, को मनाई जाएगी. गुरू पूर्णिमा अर्थात गुरू के ज्ञान एवं उनके स्नेह का
काल भैरव स्तुति – Kaal Bhairav Stuti
काल भैरव स्तुति – Kaal Bhairav Stuti Kaal Bhairav Stuti – भैरव जी भगवान शिव जी के स्वरूप हैं ! भैरव स्तुति को करने से साधक के ऊपर किसी भी तरह का तंत्र-मंत्रों का प्रयोग, व्यापार, जीवन में आने वाली समस्या और कठिनाइयों, शत्रु पक्ष से होने वाली परेशानी, मुकदमें में विजय आदि फ़ायदे और
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा – जाने जगन्नाथ मंदिर से जुड़े रहस्य और जरूरी बातें
पुरी जगन्नाथ – Puri Jagannath आइए जानते हैं कि 2021 में जगन्नाथ रथ यात्रा कब है व जगन्नाथ रथ यात्रा 2021 की तारीख व मुहूर्त। भगवान जगन्नाथ को विष्णु का 10वां अवतार माना जाता है, जो 16 कलाओं से परिपूर्ण हैं। पुराणों में जगन्नाथ धाम की काफी महिमा है, इसे धरती का बैकुंठ भी कहा
स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि का जीवन परिचय – Swami Satyamitranand Giri Biography
स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि का जीवन परिचय – Swami Satyamitranand Giri Biography सनातन परंपरा के संतों में सहज, सरल और तपोनिष्ठ स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का नाम उन संतों में लिया जाता है, जिनके आगे कोई भी पद या पुरस्कार छोटे पड़ जाते हैं। तन, मन और वचन से परोपकारी संत सत्यमित्रानंद आध्यात्मिक चेतना के धनी थे।
