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Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

पितृ पक्ष श्राद्ध 2022 – श्राद्ध कैसे करे, जाने नियम और सावधानिया

पितृ पक्ष श्राद्ध 2022 – Pitru Paksha Shradh 2022 आज हम श्राद्ध पक्ष के बारे में, पितृ पक्ष श्राद्ध के नियम, पितृ पक्ष श्राद्ध कैसे करें, पितृ पक्ष श्राद्ध का क्या महत्व होता है, श्राद्ध में तर्पण करना क्यों जरुरी होता है और किस दिन हमे किसका श्राद्ध करना चाहिए तथा श्राद्ध पक्ष में किन

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पितृपक्ष श्राद्ध – जानिए श्राद्ध करने के महत्व, विधि, तिथि और नियम

पितृ पक्ष श्राद्ध 2022 – Shradh Date 2022 Calendar पितृ पक्ष 2022 : 2022 में पितृ पक्ष (श्राद्ध) 10 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। श्राद्ध पक्ष 25 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या को खत्म होगा। जिसके बाद दुर्गा पूजा नवरात्रि 2022 प्रारंभ होगी। इन सोलह दिनों में धरती पर रहने वाले मनुष्य अपने मृत परिजनों

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देवझूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) व्रत कथा और पूजा विधि

देवझूलनी अथवा परिवर्तनी एकादशी – Dev Jhulni Ekadashi भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को डोल ग्यारस (Dol Ekadashi), जलझूलनी एकादशी (Jal Jhulni Ekadashi) कहते हैं। इसे परिवर्तिनी एकादशी (Parivartini Ekadashi), पदमा एकादशी (Padma Ekadashi) एवं वामन एकादशी (Vaman Ekadashi) आदि नामों से भी जाना जाता है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु-लक्ष्मी का

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

जानिए गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और कथा महत्व

गणेश चतुर्थी – Ganesh Chaturthi  Ganesh Chaturthi Vrat – हर चन्द्र महीने में हिन्दू कैलेंडर में 2 चतुर्थी तिथी होती है. हिन्दू शास्त्रों के अनुसार गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। मान्यता है कि गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मध्याह्न काल में, सोमवार, स्वाति नक्षत्र एवं सिंह लग्न

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श्री गणेश चालीसा – Ganesh Chalisa Lyrics

श्री गणेश चालीसा – Ganesh Chalisa Ganesh Chalisa – श्री गणेश को विघ्‍नकर्ता कहा जाता है. माना जाता है कि उनके पूजन से हर कार्य में सफलता मिलती है. जानिए उनकी चालीसा और उसका पाठ करने का महत्‍व…(Ganesh Chalisa Lyrics) Shri Ganesh Chalisa – प्रतिदिन करें गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa With Lyrics) इन्‍हें परिवार का

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Jai Ganesh Deva Aarti – जय गणेश देवा आरती

Jai Ganesh Deva Aarti – जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Aarti – गणेश चतुर्थी भारत में पूरे धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस खास मौके पर यश, सम्मान, समृद्धि और सुख के लिए गणेश जी की पूजा (Jai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Aarti) की जाती

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सुखकर्ता दु:खहर्ता – Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics

गणेश आरती – Ganesh ji Ki Aarti Ganesh ji ki Aarti Lyrics – गणपति जी की पूजा करने के बाद उनकी आरती (Aarti of Ganesh ji in Marathi) करने भर से आपके जीवन के कष्ट दूर हो सकते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की आरती का विशेष महत्व होता है। Ganesh ji Ki Aarti

हरतालिका तीज व्रत, कथा एवं पूजा विधी

हरतालिका तीज व्रत, कथा एवं पूजा विधी

Hartalika Teej Vrat, Katha Aur Puja Vidhi  Hartalika Teej Vrat – यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है। इस दिन कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियाँ गौरी-शंकर की पूजा (Hartalika Teej Vrat Puja) कर, उनकी कथा (Hartalika Teej Katha) सुनती हैं। यह त्योहार करवाचौथ से भी कठिन माना

अजा एकादशी – जानें एकादशी व्रत की पूजा विधि व मुहूर्त

अजा एकादशी – जानें एकादशी व्रत की पूजा विधि व मुहूर्त

अजा एकादशी – Aja Ekadashi  Aja Ekadashi – हिंदु कैलेंडर के हिसाब से प्रत्येक चंद्रमास में दो पक्ष होते हैं एक कृष्ण पक्ष और एक शुक्ल पक्ष। दोनों पक्षों में पंद्रह तिथियां होती हैं। कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक रहता है तो शुक्ल पक्ष की शुरुआत अमावस्या के बाद प्रतिपदा को चंद्र दर्शन

भाद्रपद अमावस्या – स्नान, दान और तर्पण के लिये विशेष

भाद्रपद अमावस्या – स्नान, दान और तर्पण के लिये विशेष

भाद्रपद अमावस्या – Bhadrapada Amavasya  स्नान, दान और तर्पण के लिये अमावस्या की तिथि का बहुत अधिक महत्व माना जाता है लेकिन सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या तो और भी सौभाग्यशाली मानी जाती है। जिस अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण होता है उसका भी स्नानादि के लिये विशेष महत्व हो जाता है। लेकिन जब

श्री कृष्ण के जीवन के रहस्य

श्री कृष्ण के जीवन के रहस्य

श्री कृष्णा जीवन रहस्य – Secrets of Shri Krishna – श्रीकृष्ण के जन्म के समय और उनकी आयु के विषय में पुराणों व आधुनिक मिथकविज्ञानियों में मतभेद हैं। हालाँकि महाभारत के समय उनकी आयु ७२ वर्ष बताई गयी है। महाभारत के पश्चात पांडवों ने ३६ वर्ष शासन किया और श्रीकृष्ण की मृत्यु के तुरंत बाद