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जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

संसार और परमार्थ – तन के सुख में लीन हो जीव न हो भव पार

मनुष्य जन्म की सार्थकता ईश्वर-प्राप्ति में है, लेकिन यह उसके विचारों पर निर्भर करता है कि वह ईश्वर की भक्ति करके को परमार्थ को पाना चाहता है या नश्वर सुख की लालच में इस संसार में आसक्त है; क्योंकि सांसारिक इच्छा मनुष्य को न परमार्थ का होने देती है, ना ही संसार का! वह मनुष्य

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महामृत्युंजय मंत्र – शिवालय में दीपदान के साथ करे महामृत्युंजय का जाप

महामृत्युंजय मंत्र – महामृत्युंजय मंत्र इन हिंदी महामृत्युंजय मंत्र की महिमा अति भारी है क्योकि दुर्घटना-घटना, प्राणान्तक शस्त्र प्रहार, घात, छल आदि से अकाल मृत्यु से किसे भय नहीं लगता, कौन चाहेगा कि किन्हीं कारणों से ऐसा ‘अकाल मृत्यु योग‘ उसके जीवन को समाप्त कर दें? एक्सीडेंट, अपने ही किसी वाहन या बस, रेल, विमान

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इस दीपावली पर अपने गहनों को चमका कर बदले अपना भाग्य

देवी धूमावती, माँ कालरात्रि के अलावा सभी देवियों को, अप्सराओं, रानी-महारानियों को, वर्तमान में कोरपोरेट जगत की सेलिब्रिटी, अभिनेत्रियों से लेकर सम्पन्न प्राचीनकाल की परिवार की गृहणियों को स्वर्ण तथा रत्नाभूषणों से सज्जित देखा है। वह आभूषण, वह जेवरात, वह गहने जो स्त्री के चेहरे के रूप, देह के सौन्दर्य में आकर्षक, मुग्धा वृद्धि करते

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तुलसी स्तोत्र – Tulsi Stotra

श्री तुलसी स्तोत्रम्‌ | Shri Tulsi Stotram – जगद्धात्रि नमस्तुभ्यं विष्णोश्च प्रियवल्लभे । यतो ब्रह्मादयो देवाः सृष्टिस्थित्यन्तकारिणः ॥१॥ नमस्तुलसि कल्याणि नमो विष्णुप्रिये शुभे । नमो मोक्षप्रदे देवि नमः सम्पत्प्रदायिके ॥२॥ तुलसी पातु मां नित्यं सर्वापद्भ्योऽपि सर्वदा । कीर्तितापि स्मृता वापि पवित्रयति मानवम् ॥३॥ नमामि शिरसा देवीं तुलसीं विलसत्तनुम् । यां दृष्ट्वा पापिनो मर्त्या मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषात्

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लक्ष्मी कवच – लक्ष्मी कवच हिंदी अर्थ सहित

लक्ष्मी कवच | Lakshmi Kavach | लक्ष्मी कवच मंत्र लक्ष्मी कवच (Lakshmi Kavach) के प्रभाव से पुत्र, धन एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। जो मनुष्य लक्ष्मी कवच का प्रतिदिन पाठ करता है, उसके कुटुंब में पुत्र, धन आदि की वृद्धि होती है। भय दूर हो जाता है तथा उस पर लक्ष्मी की सदैव कृपा

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भाई दूज की कहानी – भाई और बहन के अनमोल रिश्ते की गाथा

भाई दूज की कहानी – Bhai Dooj Ki Kahani भाई दूज का त्यौहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, इस दिन बहनें व्रत, पूजा और कथा आदि करके भाई की लंबी आयु और समृद्धि की कामना करते हुए माथे पर तिलक लगाती हैं, भैया दूज का त्यौहार भाई बहन के प्यार

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अहोई अष्टमी व्रत के नियम, व्रत कथा, पूजा विधि मुहूर्त 2022

अहोई अष्टमी 2022 – Ahoi Ashtami Vrat Katha करवा चौथ के चार दिन बाद अहोई अष्टमी व्रत त्योहार होता है. अहोई अष्‍टमी संतान की मनोकामना का दिन होता है. इस दिन संतान के लिए लंबी आयु और सुख-समृद्धि मांगी जाती है. कहा जाता है कि अहोई अष्टमी का व्रत करने से अहोई माता खुश होकर

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शरद पूर्णिमा – जाने शरद पूर्णिमा महत्व, खीर में अमृत वर्षा का विज्ञानं और धनप्राप्ति उपाय

शरद पूर्णिमा का महत्व | sharad purnima in hindi शरद पूर्णिमा,आश्चिन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। ज्‍योतिष के अनुसार, शरद ऋतु की पूर्णिमा काफी महत्वपूर्ण तिथि है। इसी तिथि से शरद ऋतु का आरंभ होता है। इस दिन चन्द्रमा सभी सोलह कलाओं से युक्त होता

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शरद पूर्णिमा व्रत कथा व पूजा विधि – Sharad Purnima Vratkath & Puja Vidhi

शरद पूर्णिमा व्रत कथा व पूजा विधि – Sharad Purnima Vrat katha & Puja Vidhi आश्विन मास की पूर्णिमाको मनाया जाने वाला त्यौहार शरद पूर्णिमा की कथा कुछ इस प्रकार से है- पूर्णिमा तिथि हिंदू धर्म में एक खास स्थान रखती है। प्रत्येक मास की पूर्णिमा का अपना अलग महत्व होता है। लेकिन कुछ पूर्णिमा

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घर बैठे धूप बत्ती की निर्माण विधि, जलाने से लाभ और प्रकार के बारे में जाने

धूप बत्ती के प्रकार, लाभ और निर्माण विधि हिन्दू धर्म में धूप देने और दीपक जलाने का बहुत अधिक महत्त्व है। सामान्य तौर पर दो तरह से ही दी जाती है। पहला गुग्गुल कर्पूर से और दूसरा गुड़-घी मिलाकर जलते कंडे पर उसे रखा जाता है। वर्तमान परिस्थितियों में समय की कमी एवं प्रचार की

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नवग्रह तत्त्व-विज्ञान – जाने नवग्रह के नाम, रंग और उनसे सम्बंधित धातु और जड़ी बूटी

नवग्रह | Navagraha इस सृष्टि की रचना कब और कैसे हुई? ब्रह्मांड के रहस्य क्या है? यह सब जानने के लिए मनुष्य निरंतर प्रयासरत रहा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने प्रकृति का गहन अध्ययन कर हमारी धार्मिक मान्यताओं के वैज्ञानिक रहस्यों को उद्घाटित किया है। उनके द्वारा रचित तत्त्व-विज्ञान का अध्ययन हमें बताता है कि कौन

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रमा एकादशी 2022 – रमा एकादशी व्रत कथा और महत्व

रमा एकादशी का महत्व रमा एकादशी कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष के 11वें दिन और दीवाली से चार दिन पहले मनाई जाती है। यह कार्तिक कृष्ण एकादशी या रम्भा एकादशी जैसे अन्य नामों से भी लोकप्रिय है। रमा एकादशी व्रत का पालन करके जातक अपने पिछले पापों से मुक्ति पा सकते हैं साथ ही अपने

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पंचतत्व क्या है, पंचतत्व किसे कहते हैं तथा पंचतत्व के नाम और महत्व क्या है

पंच तत्वों का ज्ञान व महत्व हिंदू धर्म में प्रकृति की हर एक सजीव व निर्जीव वस्तु की उत्पत्ति के बारे में विस्तार से बताया गया हैं। सभी वस्तुएं मुख्यतया केवल 5 तत्वों से मिलकर बनी होती है जिन्हें प्रकृति के पांच तत्व कहते हैं। अंत में सभी वस्तुएं इन्हीं पंच तत्वों में समा जाती

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वृक्ष के पत्तों जो रखते है पूजा-पाठ में विशेष स्थान और लाते है शुभता

पेड़-पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं, इनके बिना हमारा जीवन अधूरा है। पेड़- पौधों से हमें ऑक्सीजन मिलती है और वातावरण हरा-भरा रहता है। इसके अलावा कुछ पेड़ धार्मिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण हैं। प्राचीन काल से इनकी रक्षा करना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। विशेषतया जब हिंदू धर्म में शुभ कार्यों

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सामुद्रिक शास्त्र – पेट का आकार-प्रकार देखकर जाने स्त्री-पुरुष का स्वभाव

ज्योतिष के अंतर्गत शरीर के अंगों और लक्षणों को देखकर व्यक्तित्व के साथ भविष्य बताने की विधि को सामुद्रिक शास्त्र कहा जाता है। सामुद्रिक विद्या के अनुसार मनुष्य के सिर से लेकर पैर तक हर अंग के लिए विशेष लक्षण बताए गए हैं। किसी भी व्यक्ति के पेट को देखकर भी आसानी से बताया जा