देवपूजन की अचार संहिता – घर के पूजा घर में इन नियमो का पालन करना है अति आवश्यक
देवपूजन की अचार संहिता देवपूजा पूर्व या उत्तरमुख होकर और पितृपूजा दक्षिणमुख होकर करनी चाहिये। यदि संभव हो सके तो सुबह 6 से 8 बजे के बीच में पूजा अवश्य करें। पूजा करते समय आसन के लिए ध्यान रखें कि बैठने का आसन ऊनी होगा तो श्रेष्ठ रहेगा। नीला, लाल अथवा काला वस्त्र पहनकर और
