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जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

श्री श्री रविशंकर जी बायोग्राफी – Shari Ravishankar ji Biograohay

श्री श्री रविशंकर जी बायोग्राफी – Shari Ravishankar ji Biograohay श्रीश्री रविशंकर जी आध्यात्मिक गुरू हैं। सदा मुस्कुराते हुए शांति और शालीनता से बात करनेवाले श्रीश्री रविशंकर ‘सुदर्शन क्रिया’ के जरिये आर्ट ऑफ लिविंग का प्रशिक्षण देते हैं और जरूरत पड़ने पर प्राकृतिक आपदाओं में आगे बढ़कर पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाते हैं। रविशंकर जी

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पूज्य रमेश भाई ओझा- Ramesh Bhai Ojha ki Jivani

रमेश भाई ओझा – Ramesh Bhai Ojha रमेश भाई ओझा का जीवन परिचय – सांप्रत समयमें एक मानवतावादी एवं कर्मनिष्ठ व्यक्तित्वों पर याद करें तो श्रीरमेशभाई ओझा पूज्यभाईश्री का नाम जिह्वा पर सहज ही आ जाता है  श्रीरमेशभाई ओझाजी को लोग  अपनत्व के भाव से पूज्यभाईश्री  के नाम से पुकारते हैं । तेजस्वी ओजस्वी विचारों

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साध्वी ऋतम्भरा जीवन परिचय – Sadhvi Ritambhara Ji Biography

साध्वी ऋतम्भरा जीवन परिचय – Sadhvi Ritambhara Ji Biography पूज्या साध्वी ऋतम्भरा आध्यात्मिक हिन्दू नेत्री हैं, दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी केवल एक संत नहीं है,एक विचारक मात्र नहीं है वे तो स्वयं एक विचारधारा है देश के कोने-कोने में अध्यात्म और राष्ट्र भक्ति की अलख जगाने के पुनीत अभियान की साधना में तल्लीन है जो बहुत से मानवतावादी

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श्री सुंधाशु जी महाराज

सुधांशु जी महाराज सुधांशु जी महाराज साधारण असाधारण युगपुरुष हैं, जो आकर्षक एवं श्रद्धेय व्यक्तित्व, शुचिता, सम्पन्न भाषा तथा मृदुवाणी एवं स्पष्ट वैचारिक द्दढ़ता से युक्त समाजसेवी उपदेशक एवं समाजोन्मुखी वातावरण के प्रवर्तक हैं। विश्व भर में सुधांशु जी महाराज के करोड़ों अनुयायी हैं, जो उनके दिशा-निर्देश का अनुपालन करते हुए स्वास्थ्य, सुंदर सहयोगी और

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वामन अवतार कथा : भगवान विष्णु और राजा बलि के दान की कथा

वामन अवतार कथा | Vaman Avatar ki Katha Vaman Avatar in Hindi – वामन अवतार भगवान विष्णु का पाचवा (Vaman Avatar of Vishnu) अवतार है । भगवान की लीला अनंत है (Vaman Avatar Story in Hindi) और उसी में से एक वामन अवतार है । इसके विषय में श्रीमद्भगवदपुराण में (Vaman Avatar Story) एक कथा है।

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अमरनाथ धाम यात्रा – Amarnath Dham Yatra

अमरनाथ – Amarnath अमरनाथ यात्रा भारत के चार प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, और श्रद्धालुओं का झुंड हर साल दक्षिण कश्मीर हिमालय से होकर श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा तीर्थ तक पहुंचता है। मंदिर को जुलाई से अगस्त के महीने में केवल ग्रीष्मकाल के दौरान भक्तों के लिए खोला जाता है। लोग लिंगम

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बैजनाथ मंदिर,पालमपुर

बैजनाथ शिव मंदिर हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा ज़िले में शानदार पहाड़ी स्थल पालमपुर में स्थित है। 1204 ई. में दो क्षेत्रीय व्यापारियों ‘अहुक’ और ‘मन्युक’ द्वारा स्थापित बैजनाथ मंदिर पालमपुर का एक प्रमुख आकर्षण है और यह शहर से 16 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। हिन्दू देवता शिव को समर्पित इस मंदिर की स्थापना

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अरथूना मंदिर,बांसवाड़ा

राजस्थान के वागड़ क्षेत्र के बाँसवाड़ा नगर से लगभग 45 किमी दक्षिण पश्चिम में अर्थूना नामक स्थान भारतीय इतिहास के 11 वीं एवं 12 वीं सदी में निर्मित मंदिर समूह और मूर्तियों के लिए विख्यात है। वागड़ क्षेत्र में 8 वीं शताब्दी में मालवा के राजा उपेन्द्र ने परमार वंश की नींव डाली थी। बाद

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बाबा रामदेव मंदिर,रामदेवरा

रामदेवजी मंदिर राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोकरण के उत्तर से लगभग १२ किमी दूर है। यह मन्दिर रामदेवरा गांव में स्थित है। यहाँ बाबा रामदेवजी ने १४५९ ई. में समाधि ले ली थी और तभी से इस गाँव का नाम रामदेवरा पड गया। मेला रामदेवरा में स्थित रामदेवजी के वर्तमान मंदिर का निर्माण सन्

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गंगश्याम जी मंदिर,जोधपुर

गंगश्याम जी का मंदिर जोधपुर, राजस्थान में स्थित है | यह मंदिर शहर के भीतर जूनी मंडी में है | तिहास जोधपुर के राजा सुजाजी के सुपुत्र बांधाजी राठौड़ के दो पुत्र थे | एक तो श्री वीरम जी और दुसरे श्री गांगाजी जो बड़े ईश्वर भक्त थे, गांगाजी की शादी सिरोही राज्य के देवड़ा

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तनोट मंदिर,जैसलमेर

जैसलमेर में तनोट माता (आवड़ माता) का मंदिर है। तनोट माता को देवी हिंगलाज माता का एक रूप माना जाता है। हिंगलाज माता शक्तिपीठ वर्तमान में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लासवेला जिले में स्थित है। भाटी राजपूत नरेश तणुराव ने तनोट को अपनी राजधानी बनाया था।

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चारभुजा जी मंदिर

चारभुजा जी मंदिर – Charbhuja Temple Rajsamand उदयपुर से 112 और कुंभलगढ़ से 32 किमी। मेवाड़ अपनी दूरी के लिए जाना जाता है – एक तीर्थ स्थल माना जाता है, जहां चारभुजा जी की एक बहुत ही पौराणिक चमत्कारी मूर्ति है। सांवलियाजी मंदिर, केशरियानाथ मंदिर, एकलिंगनाथ मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर और मेवाड़ के चारभुजानाथ

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एकलिंगजी महादेव मंदिर

राजस्‍थान के उदयपुर जिले में एक तीर्थ है – कैलाशपुरी। शिव यहां एकलिंग के नाम से विराजित है।  श्री एकलिंगजी महादेव मंदिर कि उदयपुर से लगभग २२ किमी और नाथद्वारा से लगभग २६ कि.मी. दूर राष्ट्रीय राजमार्ग ४८ पर कैलाशपुरी नाम के स्थान पर स्थित हैं। पूर्वी भारत में जहां त्रिकलिंग की मान्‍यता रही है

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गिरिराज गोवर्धन

मथुरा नगर के पश्चिम में लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर श्री गिरिराज गोवर्धन विराजमान हैं। गिरिराज 4 या 5 मील तक फैले हुए हैं। अपने प्राकट्य के समय यह 80 किलोमीटर लम्बे, 20 किलोमीटर ऊँचे और 50 किलोमीटर चौड़े थे। ऐसा कहा जाता है कि गोवर्धन पर्वत की छाया कभी यमुना जी पर पड़ती

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खाटू श्याम जी मंदिर

खाटूश्याम जी मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है भगवान खाटू श्याम जी का मुख्य मंदिर। श्री कृष्ण भगवान के कलयुग के अवतार के रूप में यहां पर खाटू में विराजमान हैं। खाटू श्याम जी को हारे का सहारा माना जाता है। भीम के पुत्र घटोत्कच और नाग कन्या अहिलवती के पुत्र बर्बरीक अपनी