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Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

बोलो जी दयालु दिलदार के करू भजन लिरिक्स

बोलो जी दयालु दिलदार के करू,बोलो बोलो थारी मनुहार के करू || मन को नगीनो, ठाणे सुप दियो,जान के प्रभु, दर्द मोल लियो,जित और हार को विचार के करू,बोलो बोलो थारी मनुहार……. मेरे कने थे काई छोड्यो हे,छलिये सु रिस्तो जोड़्यो हे,नेहड़ो लगाके, तकरार के करू,बोलो बोलो थारी मनुहार……. फ़ांस लियो मीठी मीठी बाता में,बिक […]

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

सद्गुरु ओशो और बुद्ध के अनुसार विपश्यना ध्यान विधि साधना का रहस्य

सद्गुरु ओशो के अनुसार क्या है विपश्यना | What is Vipassana Meditation विपश्यना (Vipassana) आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की अत्यंत पुरातन साधना-विधि है। जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही देखना-समझना विपश्यना है। लगभग 2500 वर्ष पूर्व भगवान गौतम बुद्ध (buddhism) ने विलुप्त हुई इस पद्धति का पुन: अनुसंधान कर इसे सार्वजनीन रोग के सार्वजनीन इलाज, जीवन

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सियार सिंगी : सिद्ध करने का मंत्र और विधि जिससे होगा व्यापार और जॉब में तुरंत प्रमोशन

सियार सिंगी – Siyar Singhi सियार सिंगी (Siyar Singhi) बहुत ही चमत्कारी वस्तु होती है इसे घर में रखने से सकारात्मक उर्जा का अनुभव होता है, सियार सिंगी बालो के एक गुच्छे कि तरह होती है, असल में सियार के सींग नहीं होते परन्तु कुछ सियारों के नाक के ऊपर बालो का एक गुच्छा बन

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

बुध ग्रह : जाने बीज मन्त्र, राशि स्वामी, शुभ, अशुभ फल और ग्रह शांति के ज्योतिषीय उपाय

बुध ग्रह का परिचय – Mercury Planet in Hindi  सूर्य के सबसे निकटतम बुध ग्रह (Bugh grah) है। देवों की सभा में बुध को राजकुमार कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र में बुद्ध का एक महत्वपूर्ण स्थान है और इसे एक शुभ ग्रह माना जाता है। परन्तु कुछ परिस्थितियों में या अशुभकारी ग्रह के संगम से

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

कुंडली और ग्रहो के योग से जाने की पिछले जन्म में आप कौन थे और इस जन्म में मृत्यु के बाद आपका क्या होगा

Reincarnation – जन्म, मृत्यु और पुनर्जन्म in hindi हिंदू धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्राणी का केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर है। आत्मा एक शरीर के नष्ट हो जाने पर दूसरे शरीर में प्रवेश करती है, इसे ही पुनर्जन्म कहते हैं। पुनर्जन्म के सिद्धांत को लेकर सभी

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जानिए भगवान् दत्तात्रेय की जन्म कथा, साधना विधि, अवतार और उनके 24 गुरुओ के बारे मे

भगवान् दत्तात्रेय की जन्म कथा (Lord Dattatrey Birth Story) हिंदू धर्म में भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का एकरूप माना गया है। धर्म ग्रंथों के अनुसार श्री दत्तात्रेय भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। वह आजन्म ब्रह्मचारी और अवधूत रहे इसलिए वह सर्वव्यापी कहलाए। यही कारण है कि तीनों ईश्वरीय शक्तियों से

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जानिए सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुसार हठयोग में बंध का महत्व और लाभ

हठयोग में बंध का महत्व और लाभ | Hatha Yoga Isha हठ योग और क्रिया योग में कुछ ऐसे आसन और क्रियाएं होती हैं, जिनमें बंध लगाया जाता है। एक साधक ने सद्‌गुरु से बंध लगाने का महत्व जानना चाहा। जानते हैं सद्‌गुरु से। हठयोग के बंधों का लक्ष्य – ऊर्जा शरीर पर काबू पाना

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इन सरल और अचूक ज्योतिष उपाय से बदल सकते है अपना बुरा समय

इन सरल और अचूक ज्योतिष उपाय से बदल सकते है अपना बुरा समय वक्त  कभी भी एक जैसा नहीं रह्ता है, जीवन भर व्यक्ति उतार चढ़ाव का सामना करता है, लेकिन हमारे ऋषियों मुनियों और महान ज्योतिष आचार्यो ने हमारे कल्याण के अनेकोँ आसान और अचूक सरल ज्योतिषीय उपाय बताएं है, जिससे चाहे कैसा भी

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शुक्र गृह के कारण हो रहे अनिष्ट को रोकने हेतु सरल शांति उपाय

  शुक्र गृह के कारण हो रहे अनिष्ट को रोकने हेतु सरल शांति उपाय १. श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त और कवच का जाप अत्यंत लाभकारी है। २. विलम्ब विवाह में अभिमंत्रिक मोहिनी कवच धारण करें तथा या कामदेव मंत्र का जप कल्याणकारी होते है। ३. शुक्र मन्त्र का जप, स्तोत्र, कवच शतनाम के सहित करके (आचार्य

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छठी इंद्री (सिक्स्थ सेन्स) को जाग्रत करने के लिए इतने तरीको में से कोई एक ही करले

छठी इंद्री – Sixth Sense in Human छठी इंद्री को अंग्रेजी में सिक्स्थ सेंस कहते हैं। इसे परामनोविज्ञान का विषय भी माना जाता है। असल में यह संवेदी बोध का मामला है। छठी इंद्री के बारे में आपने बहुत सुना और पढ़ा होगा लेकिन यह क्या होती है, कहां होती है और कैसे इसे जाग्रत

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मानसिक और शारीरिक क्लेश कारक तलाक और पुनर्विवाह के ज्योतिषीय उपाय

Punar Vivaah and Divorce Solutions – तलाक और पुनर्विवाह के ज्योतिषीय उपाय आजकल के ज़माने में वैवाहिक जीवन का सफल हो पाना बेहद मुश्किल हो गया है। आजकल पति-पत्नी छोटी-छोटी बातों पर भी तलाक लेने जितना बड़ा फैसला ले बैठते हैं। लेकिन कई बार शादी के बंधन में बंधे दो लोगों में से अन्य साथी

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श्री कृष्णा द्वारा वर्णित ध्यान विधि और भक्ति योग की महिमा

श्रीमद भागवत – एकादश स्कन्ध – चौदहवाँ अध्याय उद्धव जी ने पुछा – श्रीकृष्ण ! ब्रम्हवादी परमात्मा आत्मकल्याण के लिए अनेको साधन बतलाते हे । उनमे  दृष्टि के अनुसार सभी श्रेष्ठ है अथवा किसी एक की प्रधानता है? मेरे स्वामी ! आपने तो अभी अभी भक्तियोग को ही निरपेक्ष एवं स्वन्त्र साधन बतलाया हे क्योकि इसी से

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जानिए त्राटक द्वारा आज्ञाचक्र ध्‍यान साधना विधि और सावधानिया

आज्ञाचक्र ध्‍यान साधना | Aagya Chakra Dhyan Sadhna जिसे हम ध्‍यान कहते है वो आज्ञा चक्र ध्‍यान (trataka meditation) ही है मगर इसको सीधे ही करना लगभग असम्‍भव है उसके लिये साधक को पहले त्राटक करना चाहिये और एकाग्रता हासिल होने पर ध्‍यान का अभ्‍यास आरम्‍भ करना चाहिये। इस त्राटक में हमकों अपनी आंख के अंदर

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श्रीमद भगवद गीता अध्याय – 2 ( सांख्य योग )

सांख्ययोग – Sankhya Yog अर्जुन की कायरता के विषय में श्री कृष्णार्जुन-संवाद: संजय उवाचतं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्‌ । विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ॥  भावार्थ :  संजय बोले- उस प्रकार करुणा से व्याप्त और आँसुओं से पूर्ण तथा व्याकुल नेत्रों वाले शोकयुक्त उस अर्जुन के प्रति भगवान मधुसूदन ने यह वचन कहा॥1॥ श्रीभगवानुवाच कुतस्त्वा कश्मलमिदं विषमे समुपस्थितम्‌ ।