299 Big Street, Govindpur, India

Open daily 10:00 AM to 10:00 PM

Blog

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

श्री कृष्ण और कालिया नाग का दमन

Krishna & Kaliya Naag Story – कालिया दमन – kaliya daman story – श्रीकृष्ण अभी बालक ही थे किन्तु उनपर कंस के राक्षसों द्वारा कई आक्रमण हो चुके थे। अब तक तो पूरा ब्रज भी जान चुका था कि कृष्ण कोई साधारण बालक नहीं हैं। प्रतिदिन कृष्ण अपने मित्रों और बलराम के साथ गौ चराने

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

श्रीकृष्ण की सोलह हजार एक सौ आठ रानियों का पूर्वजन्म

हम सभी ने श्रीकृष्ण की 16108 रानियों के विषय में पढ़ा है। वास्तव में श्रीकृष्ण की 16108 पत्नियों की भूमिका त्रेता युग में रामावतार के समय ही बन गयी थी। त्रेतायुग में श्रीराम ने एक पत्नीव्रती होने का निश्चय कर लिया था किन्तु उस समय अनेकानेक युवतियां श्रीराम को अपने पति के रूप में प्राप्त

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

श्रीकृष्ण का नाम “दामोदर” कैसे पड़ा?

श्रीकृष्ण का नाम दामोदर क्यों पड़ा – Why Krishna Called Damodara श्रीकृष्ण की लीलाओं (Krishna Stories) की भांति उनके नाम भी अनंत हैं। उनमें से ही एक नाम “दामोदर” है जो उन्हें बचपन में दिखाई गयी एक लीला के कारण मिला था। ये नाम इसीलिए भी विशिष्ट है क्यूंकि इस बार उन्होंने अपनी माया का

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

शनि कवच- Shree Shani Kavacham

शनि कवच – Shani Kavach in Hindi अथ श्री शनिकवचम्   अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः ॥ अनुष्टुप् छन्दः ॥ शनैश्चरो देवता ॥ शीं शक्तिः ॥ शूं कीलकम् ॥ शनैश्चरप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ॥ निलांबरो नीलवपुः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरो धनुष्मान् ॥ चतुर्भुजः सूर्यसुतः प्रसन्नः सदा मम स्याद्वरदः प्रशान्तः ॥ १ ॥ ब्रह्मोवाच ॥  श्रुणूध्वमृषयः सर्वे शनिपीडाहरं महत् । कवचं शनिराजस्य सौरेरिदमनुत्तमम् ॥ २ ॥ कवचं देवतावासं वज्रपंजरसंज्ञकम् । शनैश्चरप्रीतिकरं सर्वसौभाग्यदायकम्

माता कुष्मांडा देवी कवच – Kushmanda Devi Kavach

माता कुष्मांडा देवी कवच – Kushmanda Devi Kavach

मां दुर्गा अपने चतुर्थ स्वरूप में कूष्माण्डा (kushmanda devi) के नाम से जानी जाती है। सुरासम्पूर्णकलशंरुधिप्लूतमेव च। दधाना हस्तपदमाभयां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ भगवती दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप का नाम कूष्माण्डा है। अपनी मंद हंसी द्वारा अण्ड अर्थात् ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से अभिहित किया गया है। जब सृष्टि

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

शिव कामा सुंदरी अष्टकं – Shiva Kama Sundari Ashtakam

शिव कामा सुंदरी अष्टकं – Shiva Kama Sundari Ashtakam पुण्डरीक पुरा मध्य वसिनिं, नृथ राज सह ध्गर्मिनिं । अध्रि राज थानयां, धिने धिने चिन्थयामि शिवकामा सुन्दरीं ॥१॥ ब्रह्म विष्णु धाम देव पूजिथं, बहु स्रीपद्म सुक वथस शोबिथं । बहुलेय कलपन नथ्मजं, धिने धिने चिन्थयामि शिवकामा सुन्दरीं ॥२॥ वेद शीर्ष विनुथ आत्मा वैभवं, वन्चिथर्थ फल धन

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत के नियम 

Krishna Janmashtami – भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव Krishna Janmasthami in Hindi – भक्त लोग, जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व केवल एक ही समय भोजन करते हैं। व्रत वाले दिन, स्नान आदि से निवृत्त होने के पश्चात, भक्त लोग पूरे दिन उपवास रखकर, अगले दिन रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

कजरी तीज क्यों, कब और कैसे मनाई जाती है

कजरी तीज व्रत – kajri teej ki katha क्या आप जानते है की कजरी तीज व्रत कथा क्या है और कजरी तीज (kajli teej vrat katha hindi) क्यों मनाते हैं? कजरी या कजली तीज को भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष के तीसरे दिन मनाया जाता है। इस दिन आसमान में छाई काली घटाओं के कारण

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी – रुद्री पाठ

श्री रुद्री पाठ लिरिक्स – Rudri Path Lyrics रुद्राष्टाध्यायी – इसे शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी भी कहते हैं। रुद्राष्टाध्यायी दो शब्द रुद्र अर्थात् शिव और अष्टाध्यायी अर्थात् आठ अध्यायों वाला, इन आठ अध्यायों में शिव समाए हैं। वैसे तो रुद्राष्टाध्यायी में कुल दस अध्याय हैं परंतु आठ तक को ही मुख्य माना जाता है। रुद्र (शिव) के

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

ग्रहों की शांति के लिए ऐसे करे शिव की साधना

ग्रहों की शांति के लिए शिव साधना सूर्य, चन्द्रमा सहित सभी ग्रह काल के आधार हैं और काल पर महादेव का अधिकार है इसीलिए तो वे महाकाल कहलाते हैं। ऐसा कौनसा ग्रह है जो शिव की साधना से शांत न हो। आपकी कुंडली में शनि, राहू, मंगल या किसी भी ग्रह से परेशानी हो। दशा,

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

कष्टों के समूल निवारण के लिए ऐसे करे शिवलिंग पूजन

शिवलिंग की पूजा – Shivlinga Puja For All Problems क्या आप जानते है शिवलिंग की पूजा कैसे की जाती है और घर में शिवलिंग की पूजा कैसे करें (Shivling Puja at Home) ? और किस कामना की पूर्ति किस द्रव्य और पुष्प के अभिषेक से होगी? नहीं, तो ये पोस्ट आपके लिए ही है। शिवलिंग की

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

शिव प्रिय रूद्री पाठ के रहस्य

शिव प्रिय रूद्री पाठ के रहस्य – Shiv Rudri Path Secrets शिवो गुरूः शिवो देवः शिवो बन्धुः शरीरिणाम्। शिव आत्मा शिवो जीवः शिवादन्यन्न किंचन।। यानी भगवान शिव गुरू हैं, शिव देवता हैं, शिव ही प्राणियों के बन्धु हैं, शिव ही आत्मा और शिव ही जीव है। शिव से भिन्न दूसरा कुछ भी नहीं है। और

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

जया पार्वती व्रत – पूजन विधि और पौराणिक कथा

जया पार्वती व्रत – Jaya Parvati Vrat जया पार्वती व्रत को विजया व्रत भी कहा जाता है. यह व्रत मुख्य रूप से गुजरात में मनाया जाता है. आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के त्रयोदशी से जया पार्वती व्रत का आरंभ होता है. यह व्रत लगातार पांच दिनों तक चलता है. जया पार्वती का व्रत विवाहित

Hindi Bhajan Lyrics By Your Astrology Guru- Create an expansive and respectful image that embodies the diverse essence of Ganesh, Vishnu, Guru Nanak, Durga Maa, Hanumanji, Sri Ram, Kali M

हवन – लाभ, सामग्री लिस्ट और रोगो में निवारण

हवन कब करना चाहिए आज इस पोस्ट में हम हवन कब करना चाहिए, हवन करने के लाभ और हवन सामग्री लिस्ट के बारे में जानेंगे। हवन वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ ही अच्छी सेहत के लिए जरूरी है। हवन के धुएँ से प्राण में संजीवनी शक्ति का संचार होता है। हवन के माध्यम