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जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

राशिनुसार मन्त्र जपने और लक्की चार्म रखने से बदलेगा आपका भाग्य

राशिनुसार मन्त्र जपने और लक्की चार्म रखने से बदलेगा आपका भाग्य संसार में हर व्यक्ति चाहता है कि से हर कार्य में सफलता मिले, उसके ऊपर माँ लक्ष्मी कि सदैव कृपा बनी रहे, इसके लिए वह दिन रात मेहनत करता है हर जतन करता है लेकिन सभी लोगो को अपनी मेहनत का उचित फल नहीं

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क्या है वेद – हिदू धर्म के सर्वोच्च और सर्वोपरि धर्मग्रन्थ या …

वेद – Vedas in Hindi वेद ही हिन्दू धर्म के सर्वोच्च और सर्वोपरि धर्मग्रन्थ हैं। सामान्य भाषा में वेद का अर्थ है “ज्ञान” वस्तुत: ज्ञान वह प्रकाश है जो मनुष्य-मन के अज्ञान-रूपी अन्धकार को नष्ट कर देता है। वेद दुनिया के लगभग सबसे पुराने लिखित दस्तावेज हैं। वेदों को इतिहास का ऐसा स्रोत कहा गया है जो पोराणिक ज्ञान-विज्ञान

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जाने हाथ में बने त्रिभुज, जाली, वर्ग और गोले का रहस्य

हस्त रेखा – त्रिभुज, जाली, वर्ग और गोले का रहस्य हाथों में पाए जाने वाले चिन्ह और उनके प्रभाव के विषय में हम काफी बातें पहले भाग में कर चुके हैं। कड़ी को आगे बढ़ते हुए इस भाग में हम कुछ और चिन्हों को जानेंगे और देखेंगे कि ये चिन्ह हमारे विषय में क्या कहते

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पितृ दोष निवारण मंत्र, स्तोत्र और यन्त्र के साथ पितृ दोष के लक्षण

पितृ दोष निवारण मंत्र | Pitru Dosh Nivaran पितृ दोष निवारण – जब परिवार के किसी पूर्वज की मृत्यु के पश्चात उसका भली प्रकार से अंतिम संस्कार संपन्न ना किया जाए, या जीवित अवस्था में उनकी कोई इच्छा अधूरी रह गई हो तो उनकी आत्मा अपने घर और आगामी पीढ़ी के लोगों के बीच ही

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जाने संतान रेखा का रहस्य – संतान सम्बन्धी सम्पूर्ण जानकारी

संतान रेखा – Palm Reading Children किसी भी व्यक्ति को विवाह के बाद संतान के विषय में जानने की इच्छा होती है। इस इच्छा की पूर्ति के लिए हम अपने हाथों में संतान रेखा (children line) को ध्यान से देखें तो पता चलता है की जातक को कितनी संतानें होंगी, वह उसे कितना सुख देगी, संतान स्वस्थ

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नीलम रत्न – शनि गृह को बलवान करने और भाग्य चमकाने का सर्वोत्तम उपाय

नीलम रत्न – Neelam Ratna  शनि ग्रह राशि रत्‍न नीलम (Neelam Ratna) जिसे अंग्रेजी में ‘Blue Sapphire Stone‘ कहते हैं वास्‍तव में उसी श्रेणी का रत्‍न है जिसमें माणिक रत्‍न आता है। ज्‍योतिष विज्ञान में इसे कुरूंदम समूह का रत्‍न कहते हैं। इस समूह में लाल रत्‍न को माणिक तथा दूसरे सभी को नीलम कहते हैं।

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मोती रत्न – चन्द्रमा को बल और मानसिक शांति का सर्वोत्तम उपाय

मोती रत्न – चन्द्रमा को बल और मानसिक शांति का सर्वोत्तम उपाय वैदिक ज्योतिष के अनुसार चन्द्रमा का प्रत्येक कुंडली में विशेष महत्व है तथा किसी कुंडली में चन्द्रमा का बल, स्वभाव और स्थिति कुंडली से मिलने वाले शुभ या अशुभ परिणामों पर बहुत प्रभाव डाल सकती है। चन्द्रमा के बल के बारे में चर्चा

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माणिक्य रत्न – सूर्य को बल और उसका प्रतिनिधित्व करने वाला अनमोल रत्न

माणिक्य रत्न – सूर्य को बल और उसका प्रतिनिधित्व करने वाला अनमोल रत्न आज के परिवेश में आमतौर पर हर व्यक्ति रत्नों (Gems) के चमत्कारी प्रभावों का लाभ उठा कर अपने जीवन को समृ्द्धिशाली व खुशहाल बनाना चाहता है. रत्न भाग्योन्नति में शीघ्रातिशीघ्र अपना असर दिखाते हैं. रत्न समृ्द्धि व ऎश्वर्य के भी प्रतीक होते

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जाने हाथ मे बने चिन्ह – स्टार, आइलैंड, क्रॉस का रहस्य

हाथ मे बने चिन्ह – स्टार, आइलैंड, क्रॉस का रहस्य इस दुनियां में जो व्यक्ति जन्म लेता है उनका भाग्य ईश्वर जन्म के साथ ही निर्धारित कर देता है। ईश्वर हर व्यक्ति के साथ उसकी जन्म कुण्डली स्वयं तैयार करके हाथों में थमा देता है। आपके हाथों में खींची आडी तीरछी रेखाएं और विभिन्न चिन्ह

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चिंतपूर्णी माता का मंदिर – 51 शक्ति पीठो मे से एक जहा माता सती के चरण गिरे थे

चिंतपूर्णी माता – Chintpurni Mata नौ देवियों में से पांच देवियो के मंदिर हिमाचल प्रदेश में ही स्थित हैं। इनमें माता चिंतपूर्णी के बारे में कहा जाता है कि वे मन की हर तरह की चिंता को दूर कर सुख प्रदान करती हैं। वे पहाड़ों की नौ देवियों और देश के 51 शक्तिपीठ में से

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मुण्डकोपनिषद – मस्तिक्ष को अत्यधिक शक्ति देने वाला

मुण्डकोपनिषद – Mundakopnishad Pdf मदकू द्वीप मुण्डकोपनिषद के रचयिता ऋषि माण्डूक्य की तप स्थली रही है। यही पर उन्होंने इसकी रचना करी थी, मुण्डकोपनिषद अथर्ववेद की शौनकीय शाखा से सम्बन्धित है। इसमें अक्षर-ब्रह्म ‘ॐ: का विशद विवेचन किया गया है। इसे ‘मन्त्रोपनिषद’ नाम से भी पुकारा जाता है। इसमें तीन मुण्डक हैं और प्रत्येक मुण्डक