299 Big Street, Govindpur, India

Open daily 10:00 AM to 10:00 PM

Blog

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

नवरात्री विशेष – स्वयं देवी माँ अवतरित होती है माँ के रूप में

  स्वयं देवी माँ अवतरित होती है माँ के रूप में हम माँ दुर्गा-भगवती की आराधना करते हैं, लेकिन यदि हम अपनी जननी माता की सेवा नहीं करते हैं तो माँ की आराधना का फल हमें प्राप्त नहीं होगा। आप अपनी मां की सेवा करें और माता की आराधना करें तो दो-गुना फल प्राप्त होगा

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

ज्योतिष के अनुसार 9 आदतों से नवग्रहो का सम्मान कर सुधारें अपना जीवन

ज्योतिष के अनुसार 9 आदतों से नवग्रहो का सम्मान कर सुधारें अपना जीवन अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं . wash basin में ही यह काम कर आया करें ! यश,मान-सम्मान में

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

विपरीत राजयोग बना सकता है आपको ऐश्वर्ययुक्त धनसंपदा का स्वामी

विपरीत राजयोग बना सकता है आपको ऐश्वर्ययुक्त धनसंपदा का स्वामी गणित का नियम है ऋणात्मक ऋणात्मक मिलकर धनात्मक हो जाता हैं. इसी प्रकार का नियम ज्योतिषशास्त्र में भी है. ज्योतिषशास्त्र में जब दो अशुभ भावों एवं उनके स्वामियों के बीच सम्बन्ध बनता है.   तो अशुभता शुभता में बदल जाती है. विपरीत राजयोग (Vipreet Rajyoga)

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

मंगल गृह दोष (मांगलिक दोष) और शांति के उपाय

मंगल दोष उपाय – Mangal Dosh Upay ज्योतिष विज्ञान के अनुसार मंगल ग्रह दोष से मिलने वाली रोग, पीड़ा और बाधा दूर करने के लिए मंगलवार का व्रत बहुत ही प्रभावकारी माना जाता है। किंतु दैनिक जीवन की आपाधापी में चाहकर भी अनेक लोग धार्मिक उपायों को अपनाने में असमर्थ हो जाते हैं। इसलिए यहां

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

माता अमृतानंदमयी

माता अमृतानंदमयी दक्षिण भारत के केरल राज्य में मछुआरों की बस्ती में एक दरिद्र परिवार में जन्मीं माता अमृतानंदमयी मां ने वित्त मंत्री अरूण जेटली को ‘नमामी गंगे अभियान’ के लिए 100 करोड़ रूपए का चैक दिया। इसके पहले सुनामी के समय भी उन्होंने गरीब मछुआरों की मदद के लिए लगभग एक हजार करोड़ रूपया

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

करवा चौथ की कथा, महत्व और विधि

करवा चौथ की कथा – Karwa chauth Vrat Katha in Hindi Karwa chauth story – कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मानाया जाने वाला करवा चौथ (Karwa chauth ki kahani) महिलाओं के लिए बेहद खास है। इसलिए इस दिन (Karwa chauth katha in Hindi) की पूजा भी खास विधि (Karwa chauth Puja Vidhi)

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

सत्य साई बाबा जी

राजू से सत्यसाईं तक का सफर सत्य साईं बाबा के  बचपन का नाम सत्यनारायण राजू था। सत्य साईं का जन्म आन्ध्र प्रदेश के पुत्तपार्थी गांव में 23 नवंबर 1926 को हुआ था। वह श्री पेदू वेंकप्पाराजू एवं मां ईश्वराम्मा की संतानों में सत्यनारायणा एक भाई और दो बहनों के बाद सब से छोटे थे। उनके

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

लाल किताब वशीकरण और जादू टोना निवारण

ऊपरी हवा पहचान और निदान प्रायः सभी धर्मग्रंथों में ऊपरी हवाओं, नजर दोषों आदि का उल्लेख है। कुछ ग्रंथों में इन्हें बुरी आत्मा कहा गया है तो कुछ अन्य में भूत-प्रेत और जिन्न। यहां ज्योतिष के आधार पर नजर दोष का विश्लेषण प्रस्तुत है। ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार गुरु पितृदोष, शनि यमदोष, चंद्र व शुक्र जल देवी दोष, राहु सर्प

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

ध्यान योग – श्री कृष्णा द्वारा बताई गयी ध्यान योग विधि, मुद्रा और आसन

Dhyan lagane ki vidhi – ध्यान योग विधि जो लोग शरीर के तल पर ज्यादा संवेदनशील हैं, उनके लिए ऐसी विधियां हैं जो शरीर के माध्यम से ही आत्यंतिक अनुभव पर पहुंचा सकती हैं। जो भाव-प्रवण हैं, भावुक प्रकृति के हैं, वे भक्ति-प्रार्थना के मार्ग पर चल सकते हैं। जो बुद्धि-प्रवण हैं, बुद्धिजीवी हैं, उनके लिए

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

शरीर में सन्निहित शक्ति-केंद्र या कुण्डलिनी चक्र

चक्रों के प्रतीकात्मक वैदिक नाम | Vedic cycles symbolic name आपके अंदर जो सुषुप्त केंद्र हैं उनको विकसित करने के किये श्रृंगार होता है । हमारे शरीर में सात केंद्र हैं। १) मूलाधार केंद्र : जन्म से लेकर सात साल तक मूलाधार केंद्र विकसित होता है, यदि सात वर्ष की उम्र तक बच्चे की निरोगता

जाने माला के प्रकार, माला जपने का सही तरीका, नियम और फायदे-By Your Astrology Guru

Indian Astrology के अनुसार जाने आपकी Education और career में सफलता के योग

Indian Astrology के अनुसार जाने आपकी Education और career में सफलता के योग दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करते ही ‘कौन-सा विषय चुनें’ यह यक्ष प्रश्न बच्चों के सामने आ खड़ा होता है। माता पिता को अपनी महत्वाकांक्षाओं को परे रखकर एक नजर कुंडली पर भी मार लेनी चाहिए। बच्चे किस विषय में सिद्धहस्त होंगे, यह

प्रेम विवाह होने के संकेत तथा कुंडली में प्रेम विवाह योग

प्रेम विवाह होने के संकेत तथा कुंडली में प्रेम विवाह योग

प्रेम विवाह होने के संकेत प्रेम विवाह योग – प्रेम हृदय की एक ऐसी  अनुभूति है जो हमें जन्म से ही ईश्वर की ओर से उपहार स्वरूप प्राप्त होती है। आगे चलकर यही प्रेम अपने वृहद स्वरूप में प्रकट होता है। प्रेम किसी के लिए भी प्रकट हो सकता है। वह ईश्वर, माता-पिता, गुरु, मित्र,

श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र के 64 अंकों से जानिए अपनी परेशानियों का हल

श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र के 64 अंकों से जानिए अपनी परेशानियों का हल

Hindu Dharm में Lord Ganesha को प्रथम पूज्य माना गया है अर्थात सभी Indian Culture and Tradition कार्यों में सबसे पहले श्रीगणेश की ही पूजा की जाती है। श्रीगणेश की पूजा के बिना कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इन दिनों सभी दूर गणेश उत्सव की धूम है। इस शुभ अवसर पर हम आपके लिए लाएं हैं  “श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र “। इसके माध्यम से आप अपने जीवन की परेशानियों व सवालों का हल आसानी से पा सकते हैं। इस यंत्र की उपयोग विधि इस प्रकार है